Tuesday, June 3, 2025

"दिल से दिल तक – प्यार भरी शायरी" "जज़्बात-ए-इश्‍क़ – जब दिल बोलता है"

 







अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो,

हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया क..!!!

चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था,

कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी

.!!!

अजीब सी बेताबी है तेरे बिना,

रह भी लेते है और रहा भी नही जाता…..!!!

तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,

कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है!!!

अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,

हर खवाब मे बुलाया है तुझे,

क्यू न करे याद तुझ को,

जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे..!!!

दिल की किताब में गुलाब उनका था,

रात की नींद में ख्वाब उनका था,

कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,

मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था..!!!

तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है,

कौन होश में रहता है तुझे देखने के बाद…!!!

हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर,

सुना है कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है….!!!

पूछते थे ना कितना प्यार है हमें तुम से,

लो अब गिन लो… ये बूँदें बारिश की…..!!!

क़यामत टूट पड़ती है ज़रा से होंठ हिलने पर,

जाने क्या हस्र होगा जब वो खुलकर मुस्कुरायेंगे..!!!

पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे,

वो अपनी जुल्फें न संभाल पाए और हम खुद को…..!!!

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो,

मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना…..!!!

मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,

मगर.. लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं…..!!!

कोई अजनबी ख़ास हो रहा है,

लगता है फिर प्यार हो रहा है..!!!

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,

तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है….!!!

दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी,

बस एक बार तू कह दे कि, मैं अमानत हूं तेरी..!!!

कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,

मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है…..!!!

खुदा करे, सलामत रहें दोनों हमेशा,

एक तुम और दूसरा मुस्कुराना तुम्हारा..!!!

दोनों जानते है के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,

फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही है..!!!

कितनी ख़ूबसूरत हो जाती है दुनिया,

जब कोई अपना कहता है की तुम बहुत याद आ रहे हो..!!!

शान से हम तेरे दिल में रहेंगे,

तेरी मोहब्बत पे जान निसार करेंगे,

देख के जलेंगी हमे दुनिया सारी,

इस कदर बे-पनाह तुझे प्यार करेंगे..!!!

जब से देखा है तेरी आँखो मे झाँक कर,

कोई भी आईना अच्छा नही लगता,

तेरी मोहब्बत मे ऐसे हुए है दीवाने,

तुम्हे कोई और देखे तो अच्छा नही लगता..!!!

क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,

नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…..!!!

तू चाँद और मैं सितारा होता,

आसमान में एक आशियाना हमारा होता,

लोग तुम्हे दूर से देखते,

नज़दीक़ से देखने का हक़ बस हमारा होता..!!!

तेरी आवाज़ से प्यार है हमें,

इतना इज़हार हम कर नहीं सकते,

हमारे लिए तू उस खुदा की तरह है,

जिसका दीदार हम कर नहीं सकते….!!!

हमें आदत नहीं हर एक पे मर मिटने की,

तुझे में बात ही कुछ ऐसी थी दिल ने सोचने की मोहलत ना दी..!!!

कुछ ऐसा अंदाज था उनकी हर अदा में,

के तस्वीर भी देखूँ उनकी तो खुशी तैर जाती है चेहरे पे..!!!

सारी दुनिया की खुशी अपनी जगह,

उन सबके बीच तेरी कमी अपनी जगह…..!!!

ए खुदा उन्हे हमेशा खुश रखना जिन्हे,

हम तुमसे भी पहले याद किया करते है..!!!

लोग देखेंगे तो अफ़साना बना डालेंगे,

यूँ मेरे दिल में चले आओ की आहट भी न हो..!!!

जिंदगी आ बैठ, ज़रा बात तो सुन,

मुहब्बत कर बैठा हूँ, कोई मशवरा तो दे..!!!

एक बार उसने कहा था,

मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना,

बस फिर क्या था,

तबसे मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा..!!!

हमारे आंसूं पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं,

उनकी इस अदा से वो दिल को चुराते हैं,

हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को,

इसी उम्मीद में हम खुद को रुलाते हैं..!!!

वो न आए उनकी याद वफ़ा कर गई,

उनसे मिलने की चाह सुकून तबाह कर गई,

आहट दरवाज़े की हुई तो उठकर देखा,

मज़ाक हमसे हवा कर गई..!!!

हम तो आँखों में संवरते हैं, वही संवरेंगे,

हम नहीं जानते आईने कहाँ रखें हैं…..!!!

यूँ तो बहुत से हैं रास्तें, मुझ तक पहुंचने के,

राह-ऐ-मोहब्बत से आना, फासला कम पड़ेगा….!!!

तेरे चेहरे पर अश्कों की लकीर बन गयी,

जो न सोचा था तू वो तक़दीर बन गयी..!!!

हमने तो फिराई थी रेतो पर उंगलिया,

मुड़ कर देखा तो तुम्हारी "तस्वीर" बन गयी..!!!

खुदा का शुक्र है कि उसने ख्वाब बना दिये वर्ना,

तुझसे मिलने कि तमन्ना कभी पूरी नहीं होती..!!!

जमाने के लिए आज होली है,

मुझे तो तेरी यादे रोज रंग देती है..!!!

तनहाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी,

वही से शुरू होती है जिंदगी हमारी,

नहीं सोचा था हम चाहेंगे तुम्हें इस कदर,

पर अब तो बन गए हो तुम किसमत हमारी..!!!

न जाने क्या कशिश है,

उनकी मदहोश आँखों में,

नज़र अंदाज़ जितना करो,

नज़र उन्हीं पे ही पड़ती है…..!!!

वो कहने लगी,

नकाब में भी पहचान लेते हो हजारों के बीच,

में ने मुस्करा के कहा,

तेरी आँखों से ही शुरू हुआ था "इश्क", हज़ारों के बीच..!!!

वो जो हमारे लिए ख़ास होते हैं,

जिनके लिए दिल में एहसास होते हैं,

चाहे वक़्त कितना भी दूर कर दे उन्हें,

पर दूर रहकर भी वो दिल के पास होते हैं.......!!!

मेरे दिल के नाज़ुक धड़कनो को,

तुमने धड़कना सिखा दिया,

जब से मिला हैं प्यार तेरा,

ग़म में भी मुस्कुराना सिखा दिया..!!!

तलब ये कि तुम मिल जाओ,

हसरत ये कि उम्र भर के लिये..!!!

हर सागर के दो किनारे होते है,

कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,

ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो,

क्योंकी जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है..!!!

तुम दिल से हमें यों पुकारा ना करो,

यु तुम हमें इशारा ना करो,

दूर हैं तुमसे ये मजबूरी है हमारी,

तुम तन्हाइयों में यूं तड़पाया ना करो…..!!!

आपके आने से ज़िंदगी कितनी खूबसूरत है,

दिल मे बसी है जो वो आपकी ही सूरत है,

दूर जाना नही हमसे कभी भूलकर भी,

हमे हर कदम पर आपकी ज़रूरत है..!!!

तमन्ना हो अगर मिलने की,

तो हाथ रखो दिल पर,

हम धड़कनों में मिल जायेंगे..!!!

हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं,

मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते .!!!

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना,

हम 'जान' तो दे देते हैं, मगर 'जाने' नहीं देते..!!!

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए,

जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…..!!!

चलो सिक्का उछाल के कर लेते हैं फैसला आज,

चित आये तो तुम मेरे और पट आये तो हम तेरे..!!!

एक शर्त पर खेलूँगा ये प्यार की बाज़ी,

मैं जीतू तो तुझे पाऊँ, और हारूँ तो तेरा हो जाऊ…!!!

छुपा लूंगा तुझे इस तरह से मेरी बाहों में,

हवा भी गुज़रने के लिए इज़ाज़त मांगे,

हो जाऊं तेरे इश्क़ में मदहोश इस तरह,

कि होश भी वापस आने के इज़ाज़त मांगे..!!!

खुद को खुद की खबर न लगे,

कोई अच्छा भी इस कदर न लगे,

आपको देखा है उस नजर से,

जिस नजर से आपको नजर न लगे..!!!

तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,

दिल मेरा था और धडक रहा था वो,

प्यार का ताल्लुक अजीब होता है,

प्यास मेरी थी और सिसक रहा था वो..!!!

मेरा बस चले तो तेरी अदाँए खरीद लुँ,

अपने जीने के वास्ते, तेरी वफाँए खरीद लुँ,

कर सके जो हर वक्त दीदार तेरा,

सब कुछ लुटा के वो निगाँहें खरीद लुँ..!!!

नदी को सागर से मिलने से ना रोको,

बारिस की बूंदों को धरती से मिलने से ना रोको,

जिन्दा रहने के लिए तुमको देखना जरुरी है,

मुझे तुम्हारा दीदार करने से ना रोको….!!!

ग़ज़ल लिखी हमने उनके होंठों को चूम कर,

वो ज़िद्द कर के बोले… 'फिर से सुनाओ'…..!!!

आँखों में ना हमको ढूंढो सनम,

दिल में हम बस जाएंगे,

तमन्ना है अगर मिलने की तो,

बंद आँखों में भी हम नज़र आएंगे..!!!

दिल में है जो बात किसी भी तरह कह डालिए,

ज़िन्दगी ही ना बीत जाए कहीं बताने मे…..!!!

वो बार बार पूछती है कि क्या है मौहब्बत,

अब क्या बताऊं उसे,

कि उसका पूछना और मेरा न बता पाना ही मौहब्बत है..!!!

आये हो जो आँखों में कुछ देर ठहर जाओ,

एक उम्र गुजरती है एक ख्वाब सजाने में..!!!

ख़याल आया तो आपका आया,

आँखे बंद की तो ख्वाब आपका आया,

सोचा कि याद क रलूँ खुदा को पल दो पल,

पर होंठ खुले तो नाम आपका आया..!!!

सब कुछ मिला सुकून की दौलत ना मिली,

एक तुझको भूल जाने की मोहलत ना मिली,

करने को बहुत काम थे अपने लिए,

मगर हमको तेरे ख्याल से फुर्सत ना मिली..!!!

गुलाब की खुशबू भी फीकी लगती है,

कौन सी खूशबू मुझमें बसा गई हो तुम,

जिंदगी है क्या तेरी चाहत के सिवा,

ये कैसा ख्वाब आंखों में दिखा गई हो तुम..!!!

लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,

हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये,

सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते…..!!!

गम ना कर ज़िंदगी बहुत बड़ी है,

चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है,

बस एक बार मुस्कुरा कर तो देख,

तक़दीर खुद तुझसे मिलने बाहर खड़ी है…..!!!

यूँ नज़रें वो नीचे किए चले जा रहें हैं,

पास आशिक़ खड़े यूँ परेशाँ हुए जा रहें हैं,

कोई कहता है ज़ालिम अपनी नज़र तो उठा,

हम तेरे रूख का दीदार करने को मरे जा रहें हैं..!!!

खुदा से भी पहले तेरा नाम लिया है मैंने,

क्या पता तुझे कितना याद किया है मैंने,

काश सुन सके तू धड़कन मेरी,

हर सांस को तेरे नाम से जिया है मैंने.!!!

 Sanjay@65

Monday, June 2, 2025

! एटीट्यूड शायरी मिर्ज़ा ग़ालिब जौन एलिया राहत इंदौरी बशीर बद्र अहमद फ़राज़

 

! एटीट्यूड शायरीलिखने  वाले कई प्रसिद्ध शायर हैं, जिनकी रचनाएँ लोगों को खूब पसंद आती हैं। कुछ प्रमुख

 नामों में शामिल हैं:











  • मिर्ज़ा ग़ालिब – उनकी शायरी में गहरी सोच और बेहतरीन अंदाज़ देखने को मिलता है।
  • जौन एलिया – उनकी शायरी में विद्रोह और अलग तरह की सोच झलकती है।
  • राहत इंदौरी – उनकी शायरी में बेबाकी और दमदार एटीट्यूड होता है।
  • बशीर बद्र – उनकी शायरी में नज़ाकत और गहराई होती है।
  • अहमद फ़राज़ – उनकी शायरी में मोहब्बत और एटीट्यूड का बेहतरीन मेल देखने को मिलता  




चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये,

बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये.!!!

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,

मै खुद को नही देखता औरो की नजर से….!!!

बस इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है,

हम उस रास्ते नही जाते जो रास्ता आम होता है

ये मत समझ कि तेरे काबिल नहीं हैं हम,

तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हैं हम.

आग लगाना मेरी फितरत में नही है,

मेरी सादगी से लोग जलें तो मेरा क्या कसूर

लोग मुझे अपने होंठों से लगाए हुए हैं,

मेरी शोहरत किसी के नाम की मोहताज नहीं.


लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ,

सर झुकाना नहीं आता तो झुकाए कैसे..

हम तो इतने रोमान्टिक है की हम अगर थोड़ी देर,

मोबाइल हाथ मै लेले.. तो वो भी गरम हो जाता है!

सर झुकाने की आदत नहीं है,

आँसू बहाने की आदत नहीं है,

हम खो गए तो पछताओगे बहुत,

क्युकी हमारी लौट के आने की आदत नहीं है.!

राज तो हमारा हर जगह पे है,

पसंद करने वालों के "दिल" में और,

नापसंद करने वालों के "दिमाग" में.!

मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हें याद रखता हूँ,

बातें भूल भी जाऊं पर लहजे याद रखता हूँ!!!

छोड़ दी है अब हमने वो फनकारी वरना,

तुझ जैसे हसीन तो हम कलम से बना देते थे!!

समंदर बहा देने का जिगर तो रखते हैं लेकिन​,

​हमें आशिकी की नुमाइश की आदत नहीं है दोस्त​.!!

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​,

​मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकल के देख​

हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर,

बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए.!!!

रहते हैं आस-पास ही लेकिन पास नहीं होते,

कुछ लोग मुझसे जलते हैं बस ख़ाक नहीं होते!!

दुश्मनों को सज़ा देने की एक तहज़ीब है मेरी,

मैं हाथ नहीं उठाता बस नज़रों से गिरा देता हूँ.!!

बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब मुस्कुरा देता हूँ,

आधे दुश्मनो को तो यूँ ही हरा देता हूँ..!!!

अपनी शख्शियत की क्या मिसाल दूँ यारों

ना जाने कितने मशहूर हो गये, मुझे बदनाम करते करते.!!!

न मैं गिरा और न मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे,

पर कुछ लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे..!!!

जो खानदानी रईस हैं वो, रखते हैं मिजाज़ नर्म अपना,

तुम्हारा लहजा बता रहा है तुम्हारी दौलत नई नई ह!!!

उसने पुछा, कहाँ रहते हो,

मैने कहा, अपनी औकात मे रहता हुं!!!

ख़त्म हो भी तो कैसे, ये मंजिलो की आरजू,

ये रास्ते है के रुकते नहीं, और इक हम के झुकते नही.!!!

हथियार तो सिर्फ शौक के लिए रखा करते है,

वरना किसी के मन में खौंफ पैदा करने के लिए तो बस नाम ही काफी है.!!!

ऐसा नही है कि मुझमे कोई 'ऐब' नही है,

पर सच कहता हूँ मुझमें कोई 'फरेब' नहीं है..!!!

नमक स्वाद अनुसार,

अकड औकात अनुसार.!!!

शब्द पहचान बनें मेरी तो बेहतर है,

चेहरे का क्या है,

वो मेरे साथ ही चला जाएगा एक दिन…..!!!

अंदाज़ कुछ अलग ही मेरे सोचने का है,

सब को मंज़िल का है शौख मुझे रास्ते का है.!!!

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा,

वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!!!

दादागिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे,

लोग पैदल चलेंगे और हम कंधो पर!!!

मुझे एक ने पूछा "कहा रहते हो"

मैंने कहा "औकात मे"

साले ने फिर पूछा "कब तक"

मैंने कहा "सामने वाला रहे तब तक".!!!

नफरत भी हम हैसियत देख कर करते है,

प्यार तो बहुत दूर की बात है.


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